Mirzapur 2 Review : Revenge is complicated by generational conflict मिर्ज़ापुर की गोलू न कैसे थामी बंदूक ? - News 360 Tv

Mirzapur 2 Review : Revenge is complicated by generational conflict मिर्ज़ापुर की गोलू न कैसे थामी बंदूक ?


(Shweta Tripathi in Mirzapur season 2. Courtesy instagram)

Mirzapur 2  Review:  मिर्जापुर का जो भौकाल सीजन 1 में शुरू हुआ था, वो सीजन 2 में भी वैसा ही है. कालीन भैया का जलवा और गुड्डू पंडित का बदला, दोनों ही फ्रंटसीट पर हैं. मिर्जापुर में वही खून-खराबा, ताकत के लिए जंग और किसी पर भी भरोसा गलती साबित होना, जैसी चीजें मौजूद हैं. इस तरह मिर्जापुर के पहले सीजन में जो भी मसाला नजर आया था, वह इस सीजन में भी देखने को मिलेगा, और जस का तस. कालीन भैया का यह डायलॉग, 'राजा और राजकुमार सैक्रिफाइस नहीं करते हैं, प्यादे करते हैं. राजा और राजकुमार तो जिंदा रहते हैं.' पूरी कहानी को समझाने के लिए काफी है. 

'मिर्जापुर 2 ' की कहानी वहीं से शुरू होती है जहां मिर्जापुर की खत्म हुई थी.  मुन्ना भैया अपनी रंगबाजी में हैं तो वहीं उनके पिता की नजर अपने बेटे को बाहुबली बनाने पर है. गुड्डू भैया घायल पड़े हैं और मुश्किल में हैं. इस तरह कहानी पूरे पेस के साथ शुरू होती है. मुन्ना भैया अब मिर्जापुर के बाद जौनपुर पर भी अपना जलवा चाहते हैं और अपने आप को अमर समझने लगे हैं. लेकिन कालीन भैया मुन्ना को ऐसा डोज देते हैं कि होश ही फाख्ता कर देते हैं. लेकिन बीना त्रिपाठी अपने घर के मर्दों से परेशान है और वह मास्टरस्ट्रोक चलने की तैयारी में है. 

'मिर्जापुर 2 के 10 एपिसोड हैं. इस पूरी कहानी में अली फजल, श्वेता त्रिपाठी, पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु शर्मा, रसिका दुग्गल और हर्षिता गौर समेत पूरी स्टारकास्ट ने अच्छा काम किया है. सभी ने अपने किरदारों को परदे पर अच्छे ढंग से उकेरा है. लेकिन मिर्जापुर की जान गुड्डू, मुन्ना और कालीन ही हैं. बबलू की गर्लफ्रेंड गोलू का किरदार निभा रही श्वेता त्रिपाठी शर्मा के अभिनय की तारीफ हो रही है. मिर्जापुर के फैन्स के लिए यह परफेक्ट ट्रीट है जबकि गालियों से परहेज करने वाले दर्शकों कों इसे गले उतारने में दिक्कत हो सकती है.

मिर्जापुर के पहले सीजन की कहानी के अंत में कई परिवार उजड़ चुके थे. लेकिन सबसे ज्यादा जख्मी थे गुड्डू पंडित (अली फजल).  मुन्ना त्रिपाठी (दिव्येंदु शर्मा) ने गुड्डू की बीवी, बच्चे और भाई की हत्या कर दी. इस गोलीकांड में अगर बचे तो सिर्फ गुड्डू पंडित, उनकी बहन डिंपी और बबलू की गर्लफ्रेंड गोलू. पहला सीजन खत्म होने के बाद दर्शक इस बारे में तो आश्वस्त थे कि दूसरा सीजन गुड्डू पंडित के बदले की कहानी होगा. हालांकि मेकर्स के लिए बड़ी चुनौती ये थी कि जिस चीज के बारे में दर्शक पहले से ही काफी कुछ अंदाजा करके बैठे हैं उससे इतर उन्हें कुछ नया परोसा जाए. कहना होगा कि मेकर्स दर्शकों को सैटिस्फाइड करने में कामयाब रहे हैं. तो चलिए जानते हैं कि कहानी से लेकर बैकग्राउंड म्यूजिक तक और एक्टिंग से लेकर डायरेक्शन तक मिर्जापुर 2 में किन चीजों को पहले से कहीं बेहतर रखा गया है और कहां पर ये सीजन थोड़ा कमजोर पड़ता है.

इस तरह 'मिर्जापुर 2' में हर वह मसाला परोसा गया है, जिसके लिए यह सीजन लोकप्रिय रहा है. फिर वह चाहे वनलाइनर हों, जमकर अपशब्दों का इस्तेमाल या फिर राजनीति का घनघोर खेल. इस तरह मिर्जापुर का सीजन 2 भी नए पात्रों के आने के बावजूद पुराने पात्रों के कंधों पर ही खड़ा है.


मिर्जापुर के दूसरे सीजन में गुड्डू पंडित उस जख्मी शेर की तरह हैं जो इंतकाम की आग में जल रहा है. इसी तरह गोलू को भी अपना बदला चाहिए. हालांकि दोनों के परिवारों ने किसी न किसी को खोया है और अब वो चाहते हैं कि उनके बच्चे वापस लौट आएं. लेकिन गुड्डू पंडित को अब बदला और मिर्जापुर की गद्दी दोनों चाहिए. उधर मुन्ना त्रिपाठी रतिशंकर शुक्ला के बेटे शरद के साथ हाथ मिला लेते हैं. अब शरद को अपने पिता का बदला गुड्डू से चाहिए और मुन्ना अपना अधूरा काम पूरा करना चाहते हैं. 

इस बीच अखंडा अपने धंधे को बेहतर करने के लिए यूपी सीएम के साथ साठ-गांठ कर लेते हैं और उन्हें चुनावी फायदा देने के बहाने उनके करीब आ जाते हैं. रैलियों में मुन्ना सीएम की बेटी से करीबियां बढ़ा लेते हैं जिसका फायदा लेते हुए अखंडा मुन्ना की शादी सीएम की विधवा बेटी से कर देते हैं जो बाद में खुद सीएम बन जाती है. 

जौनपुर और मिर्जापुर के अलावा इस बार बिहार के भी एक गैंग को कहानी में शामिल किया गया है जिसकी मदद गुड्डू और अखंडा दोनों ही अपना धंधा बढ़ाने के लिए करना चाहते हैं. दद्दा त्यागी के किरदार में लिलिपुट फारुकी और उनके बेटों के किरदार में विजय शर्मा का डबल रोल कहानी में काफी नयापन लाता है. हालांकि उन्हें मुख्य कहानी से थोड़ा अलग ही धारा में चलाने की कोशिश की गई है. 

इधर मुन्ना सीएम के पति बन गए हैं और उधर गुड्डू लाला के साथ हाथ मिलाकर अफीम का व्यापार शुरू कर देते हैं. अब मुन्ना, शरद और गुड्डू तीनों को ही मिर्जापुर की गद्दी चाहिए लेकिन इसके लिए उन्हें सही मौके का इंतजार है. ये मौका तीनों को एक साथ मिलता भी है लेकिन ये मौका कैसे मिलता है और इनमें से कौन इस मौके को भुना पाता है यही सीरीज की कहानी है.

पहले सीजन से तुलना करने पर आपको लग सकता है कि इस सीजन का क्लाइमैक्स थोड़ा हल्का है लेकिन फिर भी कहानी जिस मोड़ पर आपको इस सीजन में छोड़ती है वो आपको अगली कहानी का इंतजार करने को विवश करता है. जबरदस्त फाइट सीक्वेंस और बीच-बीच में आने वाले जोक्स कहानी में आपका रुझान बनाए रखते हैं लेकिन कहना होगा कि इस बार का सीजन पिछले से थोड़ा ज्यादा बड़ा है.

एक्टिंग और डायरेक्शन के मामले में मिर्जापुर-2 को पूरे मार्क्स दिए जा सकते हैं. अली फजल पहले से ज्यादा पावरफुल लगे हैं. दिव्येंदु अपने पुराने भौकाली अंदाज में हैं. पंकज त्रिपाठी का किरदार इस बार पहले से थोड़ा कम दिखेगा लेकिन नए किरदार कहानी में उनकी कमी को पूरा करते नजर आते हैं. बैकग्राउंड और थीम म्यूजिक पहले की ही तरह पावरफुल है.

इस सीजन में हर एपिसोड करीब एक घंटे का है और कुल 10 एपिसोड हैं तो संभव है कि कुछ लोगों को ये थोड़ा ज्यादा लंबा लगे. हालांकि कहानी को इस तरह से बुना गया है कि आपका रुझान इसमें बना रहता है. सीरीज में गाली गलौज, न्यूडिडी और वॉयलंस पहले से ज्यादा रखा गया है. तो अगर आप इस तरह का कंटेंट देखना पसंद नहीं करते हैं तो आप इसे अवॉइड कर सकते हैं.

इस वेब सीरीज में बेहद बोल्ड किरदार निभाने वाली श्वेता के कैरेक्टर का नाम गोलू है. गोलू एक ऐसी लड़की है जो परिवर्तन लाने की कोशिश करते वक्त काफी बदल जाती है. वह एक बेजोड़ शूटर बन जाती है जो मिर्जापुर पर राज करती है. एमेजन ने इस सीरीज के सारे एपिसोड अपलोड कर दिए हैं. वेब की दुनिया में इसकी खूब चर्चा हो रही है. जो भी हो यह तो आप एपिसोड देखकर ही बताएंगे कि आपको यह कैसा लगा. इससे इतर हम थोड़ा श्वेता त्रिपाठी शर्मा के बारे में बात करते हैं. 

6 जुलाई 1985 को दिल्ली में जन्मीं श्वेता त्रिपाठी शर्मा की पहचान ही उनका अलग तरह का किरदार चुनना है. एक आईएएस अधिकारी की बेटी श्वेता ने अपना बचपन अंडमान निकोबार द्वीप समूह और महाराष्ट्र में बिताया है. टीन एज में वह दिल्ली लौट आईं और उन्होंने दिल्ली के आरके पुरम स्थित डीपीएस से स्कूलिंग की. इसके बाद उन्होंने National Institute of Fashion Technology से फैशन कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. फिल्म Masaan में अपनी दमदार एक्टिंग से इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाने वाली श्वेता त्रिपाठी शर्मा अब काफी कुछ बदल गई हैं. उन्होंने 29 जुलाई 2018 के एक्टर और रैपर चैतन्य शर्मा से शादी की. आइए वेब सीरीज से अलग श्वेता की कुछ तस्वीरें देखते हैं, जो इस बात की गवाह हैं कि यह एक्टर कितना बदल चुकी है. 

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